Jhoota sinhasan
सबकुछ ढहाया जाएगा
हर नाम हटाया जाएगा
तूफ़ान का अपना कोई नहीं
हर दीप बुझाया जाएगा
एक भीड़ तुम्हारे आँगन से
सब फूल कुचल बढ़ जाएगी
गूँजेगा सिंहासन से नारा
और तीर चलाया जाएगा
बच्चों को इल्म की वादी से
गाँधी के चरखे खादी से
किस्सों को मिटाया जाएगा
पन्नों को जलाया जाएगा
ख़ाकी को सुर्ख़ बनाकर यूँ
जनता को मूर्ख बनाकर यूँ
गुंडों को बैठाकर मसनद पर
तलबा को पिटाया जाएगा
अख़बार से जारी ख़बरों से
पुरखों के किस्सों कब्रों से
वो खून की होली खेलेंगे
आपस मे लड़ाया जाएगा
टीवी के ख़बरनवीसों से
झुंडों के शेरों चीतों से
आदम-हव्वा के बच्चों को
हैवान बनाया जाएगा
इल्म के मरकज़ बिखरेंगे
और फिल्मी सरकश निखरेंगे
तारीख़ मिटा दी जाएगी
इतिहास ढहाया जाएगा
तुम मानोगे सब अच्छा है
क़ारून का राज ही सच्चा है
ये झूठ तुम्हारे कानों को
सौ बार सुनाया जाएगा
~ Abbas Pathan
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