"zoor" kiya he?
बुखारी शरीफ़ की रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सलललाहो अलैहे वसल्लम ने फ़रमाया
" जो ज़ूर को बोलना और उस पर अमल करना न छोड़े तो अल्लाह को कोई ज़रूरत नहीं है कि वह अपना खाना पीना छोड़ बैठे "
ज़ूर क्या है --:
आम तौर पर लोग ज़ूर का तर्जुमा झूठ कर देते हैं पर यह नाकाफी है
ज़ूर का शाब्दिक अर्थ Fake फेक है इस में झूठ , झूठी गवाही , जालसाजी, धोखाधड़ी , खाने पीने के सामान में मिलावट , नक़ली नोट बनाना उसे चलाना और नक़ली दस्तावेज बनाना आदि सब आ जाता है
इन कामों के करके रोज़ा रखने का कोई फायदा नहीं है
Khursheeid Ahmad
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