Zindagi aur maut

हमेशा जिन्दा रहना या मौत पर काबू पाना यह इंसान की सबसे पुरानी ख्वाहिश है इसी ख्वाहिश पर अमल करने के चक्कर में आदम को जन्नत से निकाला गया फिरऔनों ने बड़ी मेहनत की मौत पर काबू न पा सके पर इतनी सफलता मिली की लाशों को हजारों साल सुरक्षित रखने में कामयाब हो गए कुरान के मुताबिक यमन के क्षेत्र अहकाफ के शहर इरम में क़ौमे आद ने ऐसे कारखाने बनाए थे जहां हमेशा जिन्दा रहने वाले समान तैयार करने की कोशिश हो रही थी यमन की आर्थिक व राजनितिक स्थिति खराब होने के कारण अहकाफ क्षेत्र में खुदाई नहीं हो सकी वरना वहां से बहुत कुछ मिलता आज के जमाने में मेडिकल साइंस की तरक्की ने इंसान की औसत आयु बढ़ा दी है मौत पर काबू न पाया जा सका पर कुछ ज्यादा दिनों तक जीने में इंसान सफल हुआ है उस का खमियाजा भी भी भुगत रहा है कई देशों की आबादी मे सिर्फ बूढ़े दिखते हैं हमें हमारे नबी सल्ललाहो अलैहे वसल्लम ने बहुत ज्यादा बुढ़ापे से अल्लाह की पनाह मांगने की दुआ सिखाई है दूसरों पर आश्रित होने वाली उम्र तक न पहुंचे यही बेहतर है اللهم أعوذ بك أن ارد إلى أرذل العمر कभी बहुत ज्यादा लंबी उम्र की दुआ भी बद्दुआ बन जाती हैं हज़रत सअद बिन अबी वकास जब कूफा के गवर्नर थे उन पर एक शख्स ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे जो ग़लत साबित हुए उन्होंने दुआ की कि ऐ अल्लाह तू इस की उम्र बढ़ा दे उस आदमी ने लंबी उम्र पाई वह कहता था कि मुझे साअद बिन अबी वकास की बद्दुआ लग गई है Khursheeid ahmad

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