Tash juye
सड़क किनारे, पार्क में, ख़ुद के मकान में, फार्महाउस या किसी होटल में आप ताश के पत्तो से जुआ खेलिए.. पुलिस पकड़ लेगी। यदि आप निहायत आम आदमी हैं तो पुलिस डंडे फटकारते हुए थाने ले जाएगी और मुकदमा दर्ज करेगी। इसके बाद यदि कोई लय मिलता पत्रकार पुलिस के हाथ लग गया तो अगले दिन अख़बार में फोटो भी छप जाएगी। सारा शहर जान जाएगा कि आप कितने हल्के, गिरे हुए और नीच इंसान हैं। लेकिन अब ह्रदय सम्राटों से खचाखच भरी हुई सरकार ने जुआ को वैलिड कर दिया, वो भी मोबाइल के जरिए जिसके प्रचारक ऋतिक रोशन, सलमान खान, रितेश देशमुख, अन्नू कपूर, मंदिरा बेदी जैसे लोग हैं। जोधपुर में इसी ऑनलाइन जुएं की लत के कारण 7 साल के बच्चे की निर्मम हत्या हो चुकी है।
बहरहाल किसी चीज़ का विरोध करने का अब कोई फायदा भी नहीं है, क्योंकि कहीं ना कहीं मुझे महसूस होता है कि इस मुल्क की जनता इसी लायक है। ये इसी गत को पाना चाहते थे जो मिल गई। इन्हें अपना ही पैसा लेने के लिए लाइन में खड़ा करो और डंडे बजाओ छिंदवाड़े पर, इनपर तालाबंदी ठोको रोजी रोजगार छीन लो भीख मांगने के लिए भी बाहर निकल जाए घर से मार मारकर लाठी तोड़ डालो, इनको ऑक्सिजन मत दो, दवा मत दो, दारू ख़ूब दो.. इनको रोजगार मत, नौकरियां मत दो, रोटी मत दो.. इनके व्हाट्सप फेसबुक पर रोजाना साम्प्रदायिक नफरत की ख़ुराक़ देते रहो बस, और कुछ नहीं चाहिए। ये दूसरों के घरों पर बुलडोज़र की कार्यवाही देखकर खुश है इनकी लाशों को दफन होने के लिए दो गज जगह मत दो.. इनकी ऐसी हालत कर दो कि इंसाफ का दरवाजा खटखटाने से पहले हज़ार बार सोचे.. सोचे कि "रुक जा पागल, क्या मांग रहा है.. दाम देख कितना महंगा है ये.. और देख कितना दूर है.. चांद से भी दूर... कहीं इसको लेने के चक्कर मे तेरी बची खुची ज़िन्दगी भी बर्बाद ना हो जाए। हाहा मांग भी किससे रहा है.. इससे? ये तो खुद राज्यपाल बनकर जनता की सेवा करने के चक्कर में है" तू रमी खेल, ज़ुपी पर लूडो खेल, अखबार पढ़, व्हाट्सप चला.. तेरे कलेजे की ठंडक के लिए बहुत सारे साधन है..
~Abbas Pathan
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