Sehri aur iftari

सेहरी और अफ्तारी सिर्फ खाना नहीं बल्कि इबादत हैं इस लिए सेहरी और अफ्तारी ज़रूर करनी चाहिए जो भी मयस्सर हो जो भी अल्लाह ने दे रखा हो हज़रत उस्मान को बागियों ने घेर लिया उन तक खाने पीने की चीजें न पहुंचने दी घर में कुछ नहीं होता कि अफ्तार कर लें तो अफ्तारी की नीयत कर लेते थे जिस से अफ्तारी करने का सवाब मिल जाए सेहरी में देरी और अफ्तार में जल्दी सुन्नत है ikram Ishrat

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