Raam ji
लबरेज है शराब-ए-हकीकत से जाम-ए-हिंद
सब फलसफी हैं खित्ता-ए-मगरिब के राम-ए-हिंद
ये हिंदियों की फिक्र-ए-फलक-रस का है असर
रिफअत में आसमां से भी ऊंचा है बाम-ए-हिंद
इस देश में हुए हैं हजारों मलक सरिश्त
मशहूर जिन के दम से है दुनिया में नाम-ए-हिंद
है राम के वजूद पे हिन्दुस्तां को नाज
अहल-ए-नजर समझते हैं उस को इमाम-ए-हिंद
एजाज इस चराग-ए-हिदायत का है यही
रौशन तर-अज-सहर है जमाने में शाम-ए-हिंद
तलवार का धनी था शुजाअत में फर्द था
पाकीजगी में जोश-ए-मोहब्बत में फर्द था ✍️ अल्लामा इक़बाल
सभी को रामनवमी की बधाई और शुभकामनाएं
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