Hazrat Umar.r.anh

हज़रत उमर रज़िल्लाह अनहो ने कुछ लोगों को जुमा की नमाज के बाद मस्जिद में बैठा हुआ देखा तो पूछा तुम लोग कौन हो ? उन्होंने कहा कि हम अल्लाह पर तवक्कुल करने वाले लोग हैं आप ने फ़रमाया कि नहीं तुम तवक्कुल का बहाना करने वालों में से हो तुम लोगों में से कोई भी काम धंधा छोड़ कर बैठ न जाए और फिर यह दुआ करे कि ऐ अल्लाह मुझे रिज़्क़ अता कर , जबकि उसे अच्छी तरह मालूम है कि आसमान से सोने चांदी की बारिश नहीं होती , अल्लाह तुम्हें एक दूसरे के सहारे से रोज़ी देता है क्या तुम ने वह आयत नहीं सुनी " जब नमाज़ अदा कर चुको तो जमीन में फ़ैल जाओ और अल्लाह के फ़ज़ल ( रिज़्क़ ) तलाश करो " और इस के बाद हज़रत उमर ने उन्हें मस्जिद से निकाल दिया Ikram Ishrat

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