Farman e nabi s.a.s

अल्लाह के रसूल सलललाहो अलैहे वसल्लम ने रमज़ान की पहली रात के बारे में बात करते हुए फ़रमाया " इस रात एक मुनादी करने वाला मुनादी करता है और कहता है ऐ भलाई के इच्छुक आगे आओ , और ऐ बुराई के चाहने वाले रुक जाओ " ( तिरमिजी शरीफ़ ) रोज़ा नमाज़ तरावीह तिलावत भूखों को खाना खिलाना , गरीबों की मदद करना , यतीमों के सर पर हाथ रख देने जैसी तमाम नेकियों के इच्छुक लोगों के आगे बढ़ने का समय आ गया है शिर्क , बदअमली , ज़ुल्म , गीबत , लोगों के हक़ मारने और उन्हें सताने वालों के लिए अपनी हरकतों से बाज आने की घड़ी आ पहुंची है ikram Ishrat

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