Desh aur library

हमारे देश की राष्ट्रीय लाइब्रेरी कोलकाता में है जिस में 20 लाख से अधिक किताबें हैं देश की यह सबसे बड़ी लाइब्रेरी है आज जब हर तरह की सहूलियत है , कागज़ है छापाखाना हैं किताबों को सुरक्षित रखने के लिए केमिकल हैं उस के बावजूद 20 लाख से कुछ अधिक किताबें हैं आज के हजार साल पहले जब न कागज़ का अविष्कार हुआ था न छापा खाना का , लिखने की सहूलियत नहीं थी स्याही नहीं थी उस समय बीबीसी हिंदी सर्विस के अनुसार नालंदा विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में 90 लाख किताबें थी कैसे संभव है ? Ikram Ishrat

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