Aadam aur iblees
एक नाफरमानी इब्लीस ने की और एक नाफरमानी आदम ने भी की दोनों को सज़ा मिली एक करीबी फरिश्तों के बीच से निकाला गया दूसरे जन्नत से
लेकिन फ़र्क यह था कि एक सज़ा के बाद अल्लाह की रहमत से मायूस हो गया हुज्जत करने लगा और अपने को ऊंचा साबित करने की मोहलत मांगने लगा उस ने जो मांगा वह उसे मिल भी गया
दूसरे अल्लाह की रहमत से मायूस नहीं हुए उन्होंने ज़िद करने और अकड़ दिखाने के बजाय अपनी ग़लती तसलीम कर ली और उन्होंने भी एक चीज़ मांगी और वह थी अल्लाह की रहमत उन्हें भी वह चीज़ मिल गई
अब हमें फैसला करना है हम किधर हैं अल्लाह की रहमत से मायूस हो कर नाशुक्री करने वालों की टीम में या अल्लाह की रहमत की उम्मीद लगाए हुए शुक्रगुजार लोगों की टीम में
Khursheeid ahmad
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें