Islam ki khoobi

अगर कोई मुझ से पूछे कि इस्लाम की सबसे बड़ी खूबी क्या है तो कहूंगा कि इस के अकीदे की सादगी और हर काम को इबादत या सवाब से जोड़ना जो काम हमारी जरूरत हैं जिन के बगैर हम जिंदा नहीं रह सकते उन कामों को भी करने में अजर व सवाब है हम खाना खाते हैं , हम पानी पीते हैं , सोते हैं , बीमार पड़ते हैं , शिक्षा हासिल करते हैं , कमाते हैं , खर्च करते हैं , शादी करते हैं, सेक्स करते हैं, पति पत्नी एक साथ बैठकर एक दूसरे को खाना खिलाते हैं , प्यार व मोहब्बत का इजहार करते हैं , बच्चे पैदा करते हैं , मां बाप भाई बहन रिश्तेदार व पड़ोसी का ख्याल रखते हैं , किसी से सलाम करते हैं , सलाम का जवाब देते हैं , बीमार को देखने जाते हैं , मरने पर श्रद्धांजलि देते हैं बड़ों का आदर करते हैं छोटों से मोहब्बत करते हैं झगड़े छुड़ाते हैं जैसे हर काम में सवाब व अजर है यह सही है कि कुछ चीजें जैसे नमाज़ रोज़ा हज जकात वगैरह फ़र्ज़ हैं जिन्हें अदा करना जरूरी है लेकिन नमाज़ के बारे में भी सूरा अल जुमा मे कहा गया है कि जब नमाज़ खत्म हो जाए तो जमीन पर फ़ैल जाओ और रोज़ी रोटी तलाश करो यानी मस्जिद में बैठे न रहो हज़रत उमर एक शख्स को लगातार मस्जिद में इबादत में मशगूल रहने पर मार कर भगा भी चुके हैं कि जाओ और कमाओ इस्लाम में संन्यास नहीं है रात भर नफिल नमाज़ पढ़ने से अच्छा बीवी के साथ सोना है सौमे दहर यानी लगातार हमेशा रोज़ा रखना हराम है तीन दिन से पहले कुरान मजीद को खत्म करने से अल्लाह के रसूल सलललाहो अलैहे वसल्लम ने रोका है कुछ नौजवानों ने कहा कि हम रात भर इबादत करेंगे अल्लाह के रसूल सलललाहो अलैहे वसल्लम इस पर नाराज़ हो गए आप ने फ़रमाया कि तुम पर तुम्हारे शरीर का भी हक़ है तुम्हारी आंखों का भी हक़ है मुझे देखो मैं इबादत भी करता हूं और सोता भी हूं यह चीज़ इस्लाम के इलावा कहीं नहीं मिलेगी , कई महीने या साल तक अन्न जल त्याग देना इस्लाम में जुर्म है गुनाह है सवाब नहीं है , बीवी को छोड़ कर भाग जाना महा पाप है बच्चे भूखे पेट सोएं और आप मस्जिद खानकाह में दीन की बातें सीखें इस्लाम इस से रोकता है अल्लाह के हक़ के साथ साथ बाकी सब हकूक को अदा करने का नाम ही इस्लाम है Khursheeid ahmad

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